ब्लड कैंसर जिसे हिंदी में “रक्त कैंसर” कहा जाता है, एक घातक लेकिन पहचान और समय पर इलाज से काबू (control) में लाया जा सकने वाला रोग है। यह शरीर में खून (blood) बनाने वाली कोशिकाओं (cells) को प्रभावित करता है, खासकर बोन मैरो (Bone marrow) और लिम्फ प्रणाली (Lymphatic system) को। आजकल यह बीमारी न केवल बुजुर्गों (old age) में, बल्कि बच्चों (children) और युवाओं (youngers) में भी पाई जा रही है।
ब्लड कैंसर (blood cancer) एक प्रकार का कैंसर है जिसमें शरीर की रक्त कोशिकाएं (blood cells) असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं रक्त प्रवाह (blood circulation) को प्रभावित करती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं (healthy cells) को नष्ट कर देती हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक (immune power) क्षमता कमजोर हो जाती है।

ब्लड कैंसर (blood cancer) मुख्यतः तीन प्रकार का होता है:
1. ल्यूकेमिया (Leukemia):
यह कैंसर खून (blood) और बोन मैरो (blood marrow) को प्रभावित करता है। इसमें असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं (WBCs) तेजी से बनती हैं और शरीर की प्रतिरक्षा (immune) प्रणाली को नुकसान पहुंचाती हैं।
2. लिम्फोमा (Lymphoma):
यह लिम्फ प्रणाली (lymphatic system) को प्रभावित करता है जो शरीर में संक्रमण से लड़ने का कार्य करती है। इसमें लिम्फोसाइट्स नामक कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं।
3. मायलोमा (Myeloma):
यह प्लाज्मा कोशिकाओं (plasma cells) को प्रभावित करता है जो एंटीबॉडी (antibody) बनाकर संक्रमण से लड़ती हैं। यह बोन मैरो में होता है और हड्डियों में दर्द और संक्रमण की संभावना बढ़ा देता है।
🔷 ब्लड कैंसर के कारण (Blood cancer cause)
ब्लड कैंसर का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता, लेकिन कुछ संभावित कारण हो सकते हैं:
अनुवांशिक कारण (Genetic Factors)
रेडिएशन (radiation) या कीमोथेरेपी (chemotherapy) का एक्सपोजर
कुछ वायरस जैसे HIV, HTLV-1
धूम्रपान (smoking) और शराब का सेवन (alcohol consumption)
रसायनिक पदार्थों के संपर्क में आना (chemical exposure)
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (low immune power)
🔷 लक्षण (Symptoms)
ब्लड कैंसर के लक्षण शुरुआत में सामान्य हो सकते हैं लेकिन समय के साथ गंभीर हो जाते हैं। आम लक्षण इस प्रकार हैं:
बार-बार बुखार आना (recurrent fever)
कमजोरी और थकान (weakness & tiredness)
वजन कम होना (weight loss)
बार-बार संक्रमण होना (recurrent infection)
साँस लेने में तकलीफ (difficulty in breathing)
हड्डियों या जोड़ों में दर्द (pain in bone or joint)
त्वचा पर लाल या नीले धब्बे ( blue red spot on skin)
नाक से खून आना या मसूड़ों से ब्लीडिंग (bleeding from gums or nose)
ब्लड कैंसर की पुष्टि के लिए कई जांचें की जाती हैं:
Complete Blood Count (CBC) – खून की सभी कोशिकाओं की गिनती के लिए
बोन मैरो बायोप्सी – असामान्य कोशिकाओं की जांच के लिए
Imaging Tests (CT Scan, MRI, PET Scan) – शरीर में कैंसर की स्थिति जानने के लिए
Immunophenotyping & Genetic Tests – कैंसर के प्रकार और ग्रेडिंग के लिए
ब्लड कैंसर का इलाज व्यक्ति की उम्र, कैंसर के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है। मुख्य इलाज हैं:
1. कीमोथेरेपी (Chemotherapy):
दवाओं के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
2. रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy):
कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए रेडिएशन का उपयोग किया जाता है।
3. बोन मैरो ट्रांसप्लांट:
रोगी की असामान्य बोन मैरो को स्वस्थ बोन मैरो से बदला जाता है।
4. Targeted Therapy & Immunotherapy:
नई तकनीकों द्वारा केवल कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाया जाता है।
🔷 बचाव (Prevention)
हालाँकि ब्लड कैंसर से बचने की कोई गारंटी नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियों से जोखिम को कम किया जा सकता है:
धूम्रपान और तंबाकू से बचें
रेडिएशन और हानिकारक रसायनों से दूरी बनाए रखें
हेल्दी डाइट और व्यायाम को अपनाएं
नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
अगर परिवार में कैंसर का इतिहास है तो विशेष सतर्कता बरतें
🔷 निष्कर्ष
ब्लड कैंसर एक गंभीर रोग है लेकिन समय रहते पहचान और इलाज से यह काबू में लाया जा सकता है। समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि लोग समय पर जांच करा सकें और इलाज शुरू कर सकें। अगर आप या आपके किसी जानने वाले में ऊपर बताए गए लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।